Friday, November 24, 2017
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guftagu

 

इलाहाबाद। गूफ्तगूकी ओर से शनिवार को महात्मा गांधी अंतरराष्टीय हिन्दी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। विषय था - इलेक्ट्रानिक मीडिया के दौरा में अख़बार।सेमिनार में कई साहित्यकारों व वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा तमाम चुनौतियों के बावजूद अखबारों का झंडा बुलंद है।

 

        सेमिनार की अध्यक्षता कर रहे शहर के वरिष्ठ पत्रकार बीएस दत्ता ने कहा कि इलेक्ट्रानिक मीडिया में निवेश तो हुआ लेकिन संस्कारों का अभाव रह गया। इसका असर चैनलों की ख़बरों पर दिखता है। ‘हिन्दुस्तान’ के संपादकीय प्रभारी दयाशंकर शुक्ल सागर ने कहा कि अच्छी बात यह कि इलेक्ट्रानिक मीडिया ने ख़बरों की भूख बढ़ा दी है। यही वजह है कि अखबार के पाठकों की संख्या में इजाफा हुआ। लेकिन चैनल विश्वसनीयता नहीं दे पाए। जिसकी वजह से लोग न सिर्फ अख़बारों पर भरोसा करते हैं बल्कि सुबह अखबार का बेचैनी से इंतज़ार करते हैं। उन्होंने कहा जब तक शब्द हैं अखबार ज़िंदा रहेंगे। वरिष्ठ साहित्यकार अजामिल ने कहा कि इलेक्ट्रानिक मीडिया में भी अखबारों के लोग ही गए हैं। उन्हें इन बातों की तरफ ध्यान देना चाहिए। साहित्यकार व हिन्दुस्तानी एकेडमी के कोषाध्यक्ष रविनंदन सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर सूचनाओं का दौर है और आम आदमी तक सूचनाएं तेजी से पहुँच रही हैं। प्रेस क्लब के अध्यक्ष रतन दीक्षित ने कहा कि इलेक्ट्रानिक मीडिया के आने से प्रिंट के प्रति रुझान कम हुआ है।

         इस अवसर पर पत्रकार शिवाशंकर पांडेय, शाकिर हुसैन तश्ना, नरेश कुमार,वीनस केसरी, अजय कुमार, नंदल हितैषी, आदि मौजूद रहे। गुफ्तगू के संपादक व सेमीनार के संयोजक इम्तियाज़ अहमद ग़ाज़ी ने विशिष्ट पत्रकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।

साभार: हिन्दुस्तान

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