Tuesday, November 21, 2017
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preetam nagar durga puja comitee

इलाहाबाद पशिचम में सिथत प्रीतमनगर मुहल्ले की दुर्गा पूजा कमेटी का नाम है सुलेम सराय सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी परंतु इसका पता है प्रीतमनगर, इलाहाबाद क्योंकि पूजा प्रीतमनगर में ही होती है। 1986 से यहां दुर्गा पूजा प्रारंभ हुआ। इस साल यहां का पंडाल कर्इ मायनों में खास था। पंडाल का थीम था महिषासुर मर्दिनी ।

आंतरिक और बाहरी सज्जा से यह पूरी तरह झलक रहा था। सजावट साधरण होने पर भी लोगों को आकर्षित कर रही थी। पंडाल र्इको फेंडली था क्योंकि इसमें लकड़ी का प्रयोग बहुत कम हुआ था। पंडाल का क्षेत्र था 70ध्120

प्रति वर्ष बेंगाली सोशल एंड वेलफेयर एसोसिएशन इलाहाबाद के हर पूजा पंडाल का दौरा करके पूजा कमेटिओं को प्रतिमा , पंडाल की आंतरिक और बाहरी सज्जा इत्यादि के लिए पुरस्कृत करती है।

इस वर्ष बेंगाली सोशल एंड वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी डा0 पी के राय ने संपूर्ण इलाहाबाद में सबसे बड़े पंडाल और पंडाल के आंतरिक सज्जा के लिए प्रीतमनगर को पुरस्कृत किया। पूजा कमेटी के सेक्रटरी अभिजीत राय ने पुरस्कार ग्रहण किया। उनके साथ कमेटी के प्रेसीडेन्ट अनुप कुमार चैटर्जी भी थे।


2 नवंबर को सुलेम सराय सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी ने काली पूजा का आयोजन किया था। यूं तो मां काली मां दुर्गा का रौद्र और भयावह रूप हैं। मां काली की हर प्रतिमा रौद्र ही होती है परंतु यहां की प्रतिमा से शांती झलक रही थी। प्रतिमा को बनाया है देबू पाल ने। प्रतिमा की मनमोहक सजावट की है मुहल्ले के ही असित भटटाचार्या ने। इस बार भी प्रतिमा और प्रतिमा के पीछे पंडाल की सजावट साधारण होते हुए भी सुंदर थी।प्रतिमा डोनेट किया है देबाशीष मजुमदार ने। मुहल्ले के लड़कियों और बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जिसका संचालन चैताली राय ने किया। 3 नवंबर की शाम को अमावस्या छूट जाने के बाद मां काली का विसर्जन किया गया। जब तक अमावसया रहती है तब तक प्रतिमा का विसर्जन नहीं किया जा सकता ।

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