Tuesday, November 21, 2017
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वॉशिंगटन : अमेरिका ने भारत में धार्मिक असहिष्णुता से गांधी को दुख होने वाली बराक ओबामा की बात पर सफाई दी है। अमेरिका ने कहा है कि उसके अपने यहां और दुनिया भर में असहिष्णुता से निपटने में महात्मा गांधी की विरासत एक प्रेरणा है। अमेरिका के मुताबिक भारत में भी अमेरिकी प्रेजिडेंट बराक ओबामा द्वारा धार्मिक सहिष्णुता पर दिया गया भाषण भी किसी एक समूह, धर्म या देश के बारे में नहीं था

ओबामा के इस बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता मार्क स्ट्रो ने कहा, 'भारत में और नैशनल प्रेयर ब्रेकफस्ट में राष्ट्रपति का संदेश यह था कि धार्मिक स्वतंत्रता एक मौलिक स्वतंत्रता है। जब सभी धर्मों के लोग डर और भेदभाव की आशंका के बिना अपने धर्मों का स्वतंत्र रुप से पालन करते हैं तो हर राष्ट्र मजबूत होता है।' 

उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ने अपने भाषण में स्पष्ट रुप से कहा है कि यह किसी एक समूह, राष्ट्र या धर्म के बारे में नहीं है।' हाल ही में भारत से लौटे अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार को अपने भाषण में पिछले कुछ सालों में भारत में विभिन्न धर्मों को मानने वालों के खिलाफ हुई हिंसा का जिक्र किया था। हालांकि, ओबामा ने किसी धर्म विशेष का नाम नहीं लिया था। उन्होंने कहा था कि सभी धर्मों की आस्थाओं पर पिछले कुछ सालों में हमला हुआ है। 
ओबामा ने भारत दौरे के बाद गुरुवार को अमेरिका में नैशनल प्रेयर पर कहा था, 'पिछले कुछ सालों में भारत में हुई धार्मिक असहिष्णुता की घटनाओं से शांति दूत महात्मा गांधी भी स्तब्ध रह जाते।' 

स्ट्रो ने कहा, 'हम अमेरिका और विश्वभर में असहिष्णुता से निपटने में महात्मा गांधी की विरासत से प्रेरणा पाते हैं।' यह बयान ओबामा द्वारा गुरुवार को बेहद प्रतिष्ठित और नामी गिरामी नैशनल प्रेयर ब्रेकफस्ट को संबोधित करने के बाद आया है।

 

साभार: नव भारत टाइम्स

 

 

 

 

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