Saturday, November 25, 2017
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एक आदर्श गृहिणी के लिए सरदर्द की कमी नहीं है। यह सरदर्द कोई गोली खाने से कम नहीं होता अर्थात गृहस्थी को पटरी पर दौड़ाने के लिए उन्हें पचासों तरह के काम में सर खपाना पड़ता है। कुछ तो रोज मर्रा के काम होते हैं जिसका गृहणियों को आदत पड़ जाती है और उसे वे आसानी से पूरा कर लेती हैं। कुछ काम मौसम के हिसाब से करना पड़ता है जैसे की अब गर्म कपड़ों से छुटकारा मिलने का वक्त नजदीक आ रहा है।

गृहणियों के अलावा सभी घरवालों को खुशी होती है कि अब गर्म कपड़ों से छुटकारा मिलने का वक्त आ रहा है वहीं गृहणियों के सामने एक और सरदर्द आ जाता है। घर भर के गर्म कपड़ों को संभाल कर अगले साल के लिए रखने का सरदर्द। गर्म कपड़ों को ठीक से रखना कोई आसान काम नहीं है। इसे करने के लिए समय और मेहनत दोनों की जरूरत होती है। गर्म कपड़ों में कीड़े बहुत जल्दी लगते हैं इसलिए इनका बहुत ध्यान रखना पड़ता है।

जैसे जैसे ठंड कम होता जाता है वैसे वैसे गर्म कपड़ों को व्यवस्थित करने का काम प्रारंभ कर देना चाहिए। भारी गर्म कपड़े जैसे सूट, कोट, ओवरकोट इत्यादि जिसे ड्राईक्लीन करवाना पड़ता है उसे सबसे पहले ड्राईक्लीनर को दे देना चाहिए। ड्राईक्लीनर से अवश्य कह दें की इन कपड़ों को ड्राईक्लीन करने से पहले अच्छी तरह से ब्रश कर ले। लांड्री से आने के बाद कपडों में नैपथोलीन या ओडोनिल जैसा कुछ डालकर इसे सूती कपड़े में लपेटकर गर्म कपड़े स्टोर करने की अलमारी में  नीचे की ओर रखें।

इसके बाद बारी आती है ज्यादा ठंड में पहनने वाले भारी स्वेटर, पुलोवर, कार्डिगन, मोटे शाल इत्यादि की। इसे भी आप लांड्री में ही धुलाएं क्योंकि यह भारी होते हैं और गर्म कपड़े मशीन में नहीं धोने चाहिए। लांड्री से आने के बाद इसका रख-रखाव भी सूट-कोट की तरह ही होना चाहिए।

अब जो हल्के गर्म कपड़े बचे हैं उसे तो ठंड बिल्कुल खत्म होने के बाद ही धोकर अलमारी में रखना पड़ेगा। जहां तक संभव हो गर्म कपड़ों को मशीन से न धोएं। दूसरे कपड़े धोने वाले बार या पाउडर से गर्म कपड़े न धोएं। बाजार में गर्म कपड़े धोने वाला पाउडर या लिक्विड सोप मिलता है, उसी का प्रयोग करें। गर्म कपड़ों में ब्रश न लगाएं, उसे पाउडर या लिक्विड में भिगोने के बाद हल्के हाथों से रगड़कर धोएं। पाउडर या लिक्विड गर्म पानी में न घोलें और गर्म कपडों को भी ठंडे पानी से ही धोएं। इन कपड़ों को छांव में सुखाएं। यदि धूप में डालना ही पड़े तो गर्म कपड़ों पर सूती कपड़ा डाल दें।सुखाने से पहले गर्म कपड़े का पानी मशीन से निकाल सकते हैं पर मशीन में इन कपड़ों को कभी न सुखाएं। इनको अलमारी में रखने से पहले वही विधि अपनाएं जो दूसरे गर्म कपड़ों में अपनाया जाता है।

गर्म कपड़े तो हो गए पर रजाई, कम्बल तो रह गए, उन्हें भी तो अगले साल के लिए संभालकर रखना है। रजाई तो धो नहीं सकते पर ठंड खत्म हो जाने के बाद उन्हें धूप दिखाएं। धूप दिखाने से पहले कवर निकाल लें। कम्बल के कवर को निकालकर कम्बल  को मशीन में धो लें या ड्राईक्लीन करवा लें। रजाई, कम्बल के कवर को धोकर धूप में सुखाएं। कम्बल को भी धूप में सुखाएं। रजाई को धूप दिखा दें और कम्बल इत्यादि जब धुल जाए तो उसके बीच में भी नैपथोलीन, ओडोनिल जैसा कुछ डालकर तह लगाएं और सूती कपड़े में लपेट़कर अलमारी में रख दें।

गर्म कपड़े अगली ठंड के लिए अलमारी में रखते समय घर के सभी सदस्यों के एक दो स्वेटर, एक दो शाल, एक दो हल्का कंबल ऐसी जगह पर रखें जहां से जल्दी निकाला जा सके ताकि अचानक ठंड शरू हो जाने पर समस्या न हो।

 

 

 

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