Thursday, November 23, 2017
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एनसीसी यानी नेशनल कैडेट कोर। इससे आप स्नातक से पहले से भी जुड़ सकते हैं और यदि आपने एक भी कैंप में भागीदारी निभाई तो आप इससे संबंधित सर्टिफिकेट पा सकते हैं। यदि आपके पास एनसीसी का ‘सी’ सर्टिफिकेट है तो आप जहां भारतीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों में उच्च अध्ययन के लिए छूट पा सकते हैं वहीं सेना की विभिन्न शाखाओं में नौकरी में भी आपको कई तरह की छूट मिल सकती है।

 

कोर्स किस तरह का

        एनसीसी में शामिल होने पर साल भर के अंदर कॉलेज में इसके लिए अलग से क्लास होती है। एक सप्ताह में 40 मिनट की छह क्लास होती हैं। साल में 120 पीरियड करने होते हैं । एनसीसी में शामिल होने के लिए छात्रों को मेडिकल स्तर पर फिट होना चाहिए। एनसीसी में छात्रों को क्लास के दौरान ड्रिल पढ़ाया जाता है। इसमें उन्हें अनेक शारीरिक तरह के अभ्यास से गुजरना होता है। उन्हें फील्ड क्राफ्ट जैसे समाज सेवा, मैन मैनेजमेंट, मैप रीडिंग, राइफल खोलना, जोड़ना व उसके कलपुज्रे के बारे में अवगत कराया जाता है। इस तरह के ड्रिल कराकर उनमें नेतृत्व का गुण भी पैदा किया जाता है। पहले साल के बाद दूसरे साल में छात्रों में गंभीरता और अभ्यास में गहनता आ जाती है। स्कूल स्तर पर इससे जुड़े जो भी कार्य कराए जाते हैं, वे मोटिवेशनल होते हैं। उसका करियर के लिहाज से कोई फायदा नहीं है। हां, एक फायदा है, अगर स्कूल में एनसीसी में सक्रिय रहे या सर्टिफिकेट धारक हैं तो उच्च शिक्षा के लिए कुछ संस्थानों में दाखिले के दौरान अलग से कोटा निर्धारित होता है। जैसे जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में इन्हें तवज्जो दी जाती है। दाखिले के दौरान स्नातक में इंजीनियरिंग कोर्स को छोड़कर अन्य सभी कोर्स में पांच फीसद रियायत दी जाती है। अगर किसी कोर्स में 50 फीसद पर दाखिला हो रहा है तो वहां ऐसे छात्रों को 45 फीसद पर दाखिला मिलता है। ‘बी’ और ‘सी’वाले को पोस्ट ग्रेजुएशन में रियायत मिलती है।

        स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी की राह ढूंढ़ना चाहते हैं तो इसका एक रास्ता एनसीसी से होकर जाता है। एनसीसी यानी नेशनल कैडेट कोर, जो कॉलेज के अनुशासित और देशभक्त युवाओं को भविष्य के लिए नेतृत्व प्रदान करता है। यह सेना के तीनों अंगों को आगे चलकर अपने हुनर और कुशल प्रशिक्षण से मजबूती प्रदान करते हैं। इसकी इस उपयोगिता को देखते हुए ही आज इसे विभिन्न सेवाओं में विशेष महत्व दिया जाता हैं। उन्हें काम का अवसर प्रदान किया जाता है। चाहे थल सेना हो, वायु सेना या नौसेना, एनसीसी से जुड़े युवाओं को विशेष कोटा के जरिए भर्ती की जाती है। इसे सैन्य बल की दूसरी पंक्ति भी कहा जाता है जो इसलिए तैयार की जाती है ताकि युद्ध या अन्य आपदाओं में मौका पड़ने पर काम आ सकें। स्कूल और कॉलेज में भविष्य के लीडर के रूप में इसकी ट्रेनिंग दी जाती है। यह ट्रेनिंग देश में करियर के रूप में जगह-जगह काम आती है। इसकी इस उपयोगिता को देखते हुए ही देश सेवा और सैन्य बल में जाने की इच्छा रखने वाले हजारों युवा इसमें हर साल बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। जो युवा इसमें आना चाहते हैं उनके लिए करियर के कई अवसर हैं। जरूरत है इनमें जाने और अपनी जगह बनाने की। सैन्य सेवाओं के लिए होने वाली भर्ती में एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट धारक के लिए विशेष रूप से पद आरक्षित होते हैं। इस कड़ी में आर्मी की बात करें तो यहां इंडियन मिलिट्री एकेडमी में हर साल 64 पद एनसीसी के लिए आरक्षित हैं जो यूपीएससी और एसएसबी साक्षात्कार के जरिए भरते हैं। इसी तरह ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई में भी 100 सीटें आरक्षित हैं जो एसएससी के जरिए भरी जाती हैं। यह गैर तकनीकी शाखा का पद है।

        नेवी में हर साल छह पद प्रत्येक कोर्स में आरक्षित होते हैं। इसमें लिखित परीक्षा नहीं होती। एसएसबी का साक्षात्कार होता है। ‘सी’ सर्टिफिकेट वालों को उम्र में भी दो साल की छूट मिलती है। इंडियन एयर फोर्स के हरेक कोर्स में एनसीसी के लिए 10 फीसद सीटें आरक्षित हैं। सिर्फ साक्षात्कार के जरिए इनमें भर्ती होती है। सेलर, एयरमेन और ओआर की भर्ती में एनसीसी वालों को 5 से 10 फीसद तक बोनस अंक दिये जाते हैं। सामान्य भर्ती में पैरा मिलिट्री फोर्स में भर्ती में एनसीसी वालों को दो से दस फीसद तक बोनस अंक मिलता है। इसी तरह कम्युनिकेशन विभाग में भर्ती के दौरान इन्हें बोनस अंक मिलता है। ऐसे युवा और युवतियां सिविल ग्लाइडिंग इंस्ट्रक्टर और पूर्णकालिक लेडी अधिकारी भी एनसीसी में नियुक्त होती हैं।

        इनके अलावा, राज्य सरकार के कुछ पदों पर नौकरियों में होने वाली भर्ती में एनसीसी कैडेट्स को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। निजी कंपनियां और उद्योग ऐसे युवाओं को अपने यहां सुरक्षा विभाग में प्राथमिकता के आधार पर भर्ती करती हैं। इसके अलावा, एनसीसी वालों को एक खेल आदि में टीम के रूप में प्रदर्शन करने पर नकद पुरस्कार और व्यक्तिगत तौर पर भी सम्मानित किया जाता है। उन्हें राज्य और केंद्र स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका दिया जाता है।

कॉलेज में कैसे पाएं प्रवेश

        कॉलेज के रास्ते नेशनल कैडेट कोर में अपना करियर अपनाने के सबसे बढ़िया मंच हैं। स्कूल में ‘ए’ सर्टिफिकेट की पढ़ाई तो कराई जाती है लेकिन उसका फायदा उच्च शिक्षा में दाखिले में भले ही मिलता हो, नौकरी में नहीं मिल पाता। स्नातक प्रथम वर्ष में ‘बी’ सर्टिफिकेट और द्वितीय वर्ष में जाने के बाद छात्र ‘सी’ सर्टिफिकेट के लिए एनसीसी में दाखिल होते हैं। अगर साल भर की ट्रेनिंग के बाद आपने प्रथम वर्ष में एक कैम्प में हिस्सेदारी की है तो ‘बी’ सर्टिफिकेट के लिए होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। एनसीसी की यूनिट यह परीक्षा संचालित करती है। अगर स्नातक के दूसरे साल में नेशनल इंटीग्रेशन कैम्प में बैठे हैं तो ‘सी’ सर्टिफिकेट के लिए यूनिट की ओर से आयोजित परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। यह परीक्षा तीन घंटे की है। इसके अलावा, आपको प्रैक्टिकल परीक्षा से भी गुजरना होता है। कॉलेज में उन छात्रों के लिए एनसीसी के दरवाजे खुले हैं जो फिटनेस पर खरे उतरते हैं और इसमें रुचि भी लेते हैं।

साभार: राष्ट्रीय सहारा

Comments 

 
#3 sourabh rathod 2017-08-12 22:43
BA pass nd ncc 'C' certificate in 'B' gred pass and interest in govt job .so please any govt defence job tell me.
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#2 Rahul Tiwari 2017-07-17 14:04
Mai NCC c Holder hu Mera graduation complete Hai mujhe private sector m job chahiye ple give m advised
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#1 jitendra singh 2017-07-15 01:05
sir mene ncc c certificate kar rakha he or meri age 25 he me difence me jana chahta hu sir plz mujhe konsi vacancy deni hogi
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