Friday, November 24, 2017
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naina

दोनों हाथों से लिखने में माहिर नैना ने मात्र आठ साल में हाई स्कूल और दस साल की उम्र में इंटरमीडिएट पास कर सबको आश्चर्य में डाल दिया था। नैना टेबल टेनिस में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के 18 स्वर्ण पदक प्राप्त कर चुकी है। नैना हैदराबाद में मास कॉम की फाइनल इयर की छात्रा है और उसकी उम्र इस समय मात्र 13 साल है

जिस उम्र में बच्चे खिलौने से खेलते हैं, सुपर गर्ल नैना ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवा दिया। आठ साल की उम्र में ही 2008 में आईजीसीआईई बोर्ड (यूनिवर्सिटी आफ कैम्ब्रिज) से इतनी कम उम्र में हाई स्कूल पास कर एशिया में पहली बालिका होने का गौरव प्राप्त किया। वहीं 10 साल की उम्र में 2010 में आंध्र प्रदेश बोर्ड से उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। नैना अब 13 की हुई है और वह हैदराबाद के सेंट मैरिस कॉलेज से बीए (मॉस कम्युनिकेशन) के फाइनल में पढ़ रही है।

नैना की प्रतिभा तो सात साल की उम्र में दिखने लगी थी जब उसने रामायण श्लोक की सीडी रिकार्ड की। पढ़ाई के साथ ही उसकी रुचि स्पोर्ट्स में भी कम नहीं है। टेबल टेनिस में नेशनल चैम्पियन कैडेट अंडर-12 में वह विश्व में टॉप 6 में आयी। नैना ने टीटी में 18 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया। वहीं नेशनल लेवल पर टेबिल टेनिस सब जूनियर में हैट्रिक लगाते हुए गोल्ड मैडल हासिल किया। नैना के टैलेंट की फेहरिस्त अभी पूरी नहीं हुई है।

नैना की दोनों हाथों से लिखने की कला ने उसे लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना दिया है। नैना पियानो बजाती है और बेहतर गाती भी है। कम्प्यूटर में कोरल ड्रॉ और फोटोशॉप के सहयोग से उसने एक से एक बेहतरीन पेंटिंग्स भी बनायी हैं। नैना को खाने में तंदूरी चिकन पसंद है। कुकिंग का शौक चढ़ा तो उसमें भी उसने अलग पहचान बनायी। टेस्टी हैदराबादी बिरयानी केवल 25 मिनट में बना डाली। अब वह समय को और भी कम करने का प्रयास कर रही है।

पिता अश्विनी और मां भाग्यलक्ष्मी को अपनी नैना पर गर्व है। पिता का कहना है जब नैना मां के पेट में थी तो यही कामना कर रहा था कि बेटी ही हो। यही कारण है कि जब नैना का जन्म हुआ तो मन खुशी से झूम उठा। अब ऐसा लगता है कि मुझे भगवान ने बेटी के रूप में साक्षात सरस्वती को दे दिया है। मैं चाहता हूं नैना देश का नाम रोशन करे।‘ मां भाग्यलक्ष्मी कहती हैं, ‘मैंने अपनी बेटी को बेटा ही माना है। अब वही मेरे लिए सबकुछ है। उसका टैलेंट देखकर बेहद खुशी मिलती है।‘ दादी समा देवी कहती हैं, ‘पोती हमारा नाम रोशन करे और कुछ अलग कर दिखाये। नैना बड़ी होकर आईएएस अफसर बनकर गरीबों की सेवा करना चाहती है। नैना को अपने छोटे भाई अगस्त से बेहद प्यार है। इन दिनों नैना टीटी में अंडर 15 के लिए लखनऊ में चल रहे नेशनल कैम्प में शिरकत कर रही है।

साभार: रास्ट्रीय सहारा

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